Nandan Nilekani Exam Reforms: PM Modi ने बनाया High-Powered Task Force, जानें कौन हैं इस कमिटी में
New Delhi:Nandan Nilekani exam reforms को लेकर इस समय देश में सबसे बड़ी चर्चा छिड़ गई है। Jantar Mantar पर चल रहे Gen Z students के भारी विरोध प्रदर्शन और Union Education Minister Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद, PM Narendra Modi ने देश के परीक्षा सिस्टम को पूरी तरह सुधारने के लिए एक high-powered task force का गठन कर दिया है。 इस ऐतिहासिक बदलाव को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने Aadhaar Card के मुख्य आर्किटेक्ट और Infosys के को-फाउंडर Nandan Nilekani को इस मुख्य कमिटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
National Testing Agency (NTA) द्वारा कराए जाने वाले NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद देश के लाखों छात्रों का भरोसा डगमगा गया था। अब इस संकट को सुलझाने के लिए बनाई गई टास्क फोर्स पूरी तरह से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और डिजिटल सिक्योरिटी का इस्तेमाल करेगी।
क्यों चुना गया Nandan Nilekani को इस मुख्य काम के लिए?
जब भी भारत में बड़े पैमाने पर सिस्टम को डिजिटल तरीके से बदलने की बात आती है, तो Nandan Nilekani exam reforms और उनके पुराने रिकॉर्ड्स को सबसे पहले याद किया जाता है। वे Unique Identification Authority of India (UIDAI) के फाउंडिंग चेयरमैन रह चुके हैं, जिन्होंने भारत को ‘Aadhaar’ जैसा दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक आईडी सिस्टम दिया।
अब परीक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पीएम मोदी का नीलकेणी पर भरोसा जताना साफ दिखाता है कि सरकार आने वाले समय में देश के इवैल्यूएशन सिस्टम को पूरी तरह से लीक-प्रूफ, सिक्योर और डिजिटल-फर्स्ट बनाने की तैयारी में है।
High-Powered NTA Reform Committee में कौन-कौन शामिल हैं?
इस खास टास्क फोर्स में देश के सबसे बेहतरीन माइंड्स, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, इंटेलिजेंस और लॉजिस्टिक्स से जुड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है। यहाँ देखें पूरी टीम की लिस्ट:
- Nandan Nilekani (Chairman): इंफोसिस के को-फाउंडर और पूर्व UIDAI प्रमुख।
- S. Somnath: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व चेयरमैन।
- Tapan Deka: इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व डायरेक्टर।
- V. Kamakoti: IIT मद्रास के डायरेक्टर।
- Anita Karwal: पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव (Education Secretary)।
- Amrit Lal Meena: देश के जाने-माने लॉजिस्टिक्स और एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपर्ट।
क्या है इस नई कमिटी का मुख्य एजेंडा?
प्रधानमंत्री मोदी के हालिया संबोधन के अनुसार, यह हाई-पावर्ड पैनल भारत के एग्जामिनेशन पैटर्न में बड़े बदलाव (Comprehensive Structural Overhauls) करेगा:
- Tech-Driven Security: पेपर डिस्ट्रिब्यूशन को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए एडवांस्ड एन्क्रिप्शन, बायोमेट्रिक ट्रैकिंग और AI मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया जाएगा।
- Structural Revamp: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आंतरिक ढांचे और कामकाज का ऑडिट करके उसमें जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
- Logistical Tightening: देशभर के हजारों केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से तैयार करने, स्टोर करने और भेजने के नए नियम बनाए जाएंगे।
आगे की राह: Public Examinations Amendment Bill 2026
इस टास्क फोर्स के गठन के साथ ही केंद्र सरकार संसद में Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill 2026 लाने की पूरी तैयारी में है। इस नए कानून के तहत पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर भारी जुर्माना और कड़ी जेल की सजा का प्रावधान किया जा रहा है। नीलकेणी की अगुवाई वाली यह कमिटी जल्द ही अपना पहला ब्लूप्रिंट सरकार को सौंपेगी ताकि आगे होने वाली राष्ट्रीय परीक्षाएं बिना किसी विवाद के पूरी हो सकें।
