E20 Petrol पर BPCL चेयरमैन ने दूर की गलतफहमी, जानें पूरा सच

देश में इन दिनों एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर काफी चर्चा चल रही है, खासकर E20 पेट्रोल और E10 पेट्रोल की वापसी को लेकर। सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म्स पर खबरें थीं कि सरकार E20 पेट्रोल को बंद करके दोबारा E10 पेट्रोल ला सकती है।
इन खबरों से आम जनता और वाहन मालिकों में काफी भ्रम फैल रहा था। लेकिन अब भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खन्ना ने इस मामले पर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है।
संजय खन्ना ने साफ शब्दों में कहा है कि E20 पेट्रोल को पूरी तरह से बंद करके E10 को वापस लाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने इन अफवाहों को गलत बताया और कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया था।
क्या E10 वापस आ रहा है?
BPCL चेयरमैन संजय खन्ना ने कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल को हटाने या उसकी जगह E10 पेट्रोल को लागू करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने साफ किया कि जो बातें सामने आ रही थीं, वे असल में एक अलग चर्चा का हिस्सा थीं।
खन्ना ने बताया कि कुछ मंचों और प्रशासनिक स्तर पर सिर्फ इस बात पर बातचीत चल रही है कि क्या पुरानी गाड़ियों, खासकर BS-IV या उससे पहले के मॉडलों के लिए, E10 पेट्रोल को एक विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है।
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि E20 Petrol को बाजार से हटा दिया जाएगा। यह सिर्फ पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए एक अतिरिक्त सुविधा देने की संभावना पर विचार था।
क्यों उठी थी यह चर्चा?
दरअसल, देश में एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाया जा रहा है, जिसे E20 Petrol कहते हैं।
लेकिन पुरानी दोपहिया और चार पहिया गाड़ियों के मालिकों ने शिकायत की थी कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से उनकी गाड़ी के माइलेज में कमी आ रही है और इंजन के कुछ पार्ट्स पर बुरा असर पड़ रहा है।
इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, विशेषज्ञों ने सरकार को सुझाव दिया था। उनका सुझाव था कि पुरानी गाड़ियों को होने वाली संभावित परेशानी से बचाने के लिए, E20 पेट्रोल के साथ-साथ E10 पेट्रोल भी पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसी सुझाव पर आंतरिक स्तर पर चर्चा चल रही थी, जिसे लोगों ने गलत समझ लिया और यह अफवाह फैल गई कि E20 पेट्रोल बंद होकर E10 वापस आ रहा है।
क्या भविष्य में आ सकता है E10?
जब BPCL चेयरमैन से पूछा गया कि अगर सरकार अपनी एथेनॉल नीति में बदलाव करके E10 की तरफ लौटती है, तो क्या तेल कंपनियों को कोई परेशानी होगी, तो उन्होंने इसका जवाब दिया। खन्ना ने कहा कि अगर सरकार कभी ऐसा कोई नीतिगत फैसला लेती भी है, तो BPCL और अन्य तेल कंपनियों के पास E10 पर स्विच करने के लिए पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है।
कंपनियों के लिए E20 से E10 पर जाना कोई बड़ी लॉजिस्टिकल या ऑपरेशनल चुनौती नहीं होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी तक सरकार की तरफ से ऐसा कोई अंतिम निर्देश नहीं आया है। इसका मतलब है कि फिलहाल E10 की वापसी की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।
क्या दो तरह के पेट्रोल एक साथ बिक सकते हैं?
विशेषज्ञों के सुझाव के बावजूद, E10 और E20 दोनों पेट्रोल को एक साथ पंपों पर बेचना एक बहुत बड़ी चुनौती है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, देश के 1 लाख से भी ज्यादा पेट्रोल पंपों पर दो अलग-अलग तरह का बेस पेट्रोल उपलब्ध कराने के लिए भारी बदलाव करने होंगे। इसके लिए अलग स्टोरेज टैंक, अलग पाइपलाइन और अलग डिस्पेंसिंग मशीनें लगानी पड़ेंगी। इस डबल सप्लाई चेन से लागत काफी बढ़ जाएगी, जो व्यवहारिक रूप से मुश्किल होगा।
फिलहाल, E20 Petrol पहले की तरह ही बिकता रहेगा और आम जनता को इस बारे में घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। BPCL ने यह स्पष्ट कर दिया है कि E20 को हटाने या E10 को पूरी तरह वापस लाने का कोई इरादा नहीं है।

