
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के भारत को हिंदू राइट विंग कट्टरपंथ से खतरे को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. उनके बयान पर पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि यही सबसे बड़ी समस्या है. वे कट्टरपंथियों, धार्मिक उन्मादियों और अलगाववादियों के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलेंगे.
वहीं, पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी के बयान पर वीएचपी के प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने कहा है कि हामिद अंसारी ने एक बार फिर इस महान देश और इसकी शानदार परंपराओं का अपमान करने की हिम्मत की है. उन्होंने कहा कि यहां कट्टरपंथी वामपंथी उग्रवाद की तुलना में दक्षिणपंथी हिंदू सांप्रदायिकता अधिक खतरनाक है. अगर हिंदू सांप्रदायिक या कट्टरपंथी होते हैं, तो हामिद अंसारी ऐसा बयान देने की हिम्मत नहीं करते.
जैन ने आगे कहा, ‘यह वही हामिद अंसारी हैं, जिन्होंने कभी दावा किया था कि भारत में मुसलमान असुरक्षित महसूस करते हैं. अगर दुनिया में कहीं सबसे ज्यादा मस्जिद हैं, तो वह मेरा देश भारत है. उन्होंने पहले राम जन्मभूमि मुद्दे पर आए फैसले की भी आलोचना की थी. वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं थे. हम इस बयान की कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं.’
हामिद अंसारी के किस बयान पर गरमाई सियासत?
इससे पहले एजी नूरानी मेमोरियल लेक्टर में बोलते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि द आरएसएस: अ मेनेस टू इंडिया उस किताब का टाइटल था, जो 2019 में पब्लिश हुई थी. किताब के इंट्रोडक्शन में पहली लाइन में उन्होंने (एजी नूरानी) एक शेर लिखा था. वह आज भारत में मुसलमानों की सोच को सही ढंग से बताता है.
उन्होंने आगे कहा, ‘इस किताब के इंट्रोडक्शन में उन्होंने विदेश मंत्रालयल के अधिकारियों की एक मीटिंग में जवाहरलाल नेहरू की कही बात का जिक्र किया, जिसे विदेश सचिव गुंडेविया ने भविष्य के लिए रिकॉर्ड किया था. मैं उन शब्दों को कोट करता हूं. भारत के लिए खतरा, ध्यान दें, कम्युनिज्म नहीं है, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है.’







